फरीदकोट के अंतिम महाराजा हरेंद्र सिंह बराड़ की सबसे छोटी बेटी दीपेंद्र
कौर मेहताब का रविवार को फरीदकोट में निधन हो गया. दीपेंद्र 82 वर्ष की थीं और 17 अक्टूबर को अपने पिता की बरसी में शामिल होने के लिए पश्चिमी बंगाल से फरीदकोट आई थीं. आखिरी वक्त में उनकी बेटी निशा और बेटा जयचंद मेहताब भी
फरीदकोट में ही मौजूद थे. दीपेंद्र कौर मेहताब का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ सोमवार को फरीदकोट में किया जाएगा. (फोटो- हरेंद्र सिंह
बराड़)दीपेंद्र का विवाह पश्चिम बंगाल के वर्दवान के एक राज परिवार में हुआ था.
वह 20 हजार करोड़ रुपए की संपत्ति की देखरेख कर रहे महारावल खेवाजी ट्रस्ट
की भी प्रमुख थीं. (फोटो- दीपेंद्र कौर और अमृत कौर)
गौरतलब है कि हरिंदर सिंह बराड़ फरीदकोट रियासत के
अंतिम शासक थे. उनका
विवाह नरेंद्र कौर से हुआ था जिन से तीन बेटियां अमृत कौर, दीपेंद्र कौर,
महिंपिंदर कौर और एक बेटा टिक्का हरमोहिंदर सिंह हुए थे. 80 वर्षीय अमृत
कौर ने अपने पिता हरिंदर सिंह बरार की वसीयत को करीब 26 साल पहले कोर्ट में
चुनौती दी थी जिसके तहत इतनी बड़ी संपत्ति सिर्फ दीपेंद्र कौर मेहताब के
नाम थी.
जुलाई 2013 को चंडीगढ़ की एक अदालत ने 20 हजार
करोड़ रुपए की संपत्ति दोनों बहनों दीपेंद्र और अमृत कौर के नाम कर दीं.
संपत्ति के अन्य दावेदार महिपिंदर कौर और टिक्का हरमोहिंदर सिंह का निधन हो
चुका था. हालांकि दीपेंद्र कौर और महारावल खेवाजी ट्रस्ट ने कोर्ट के
फैसले को चुनौती दी. मामला अभी भी चंडीगढ़ की एक अदालत में विचाराधीन है.
पंजाब पुलिस की स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम ( ) ने सिखों के पवित्र धर्मग्रंथ गुरु ग्रंथ साहिब के कथित अपमान के मामले में अक्षय कुमार, राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और पूर्व उप-मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल को तलब किया है. पंजाब सरकार ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है.
पंजाब सरकार के ट्वीट में लिखा है, "पुलिस फायरिंग की घटनाओं की जांच कर रही एसआईटी ने बरगाड़ी में धर्म ग्रंथ के अपमान के मामले में पूछताछ के लिए प्रकाश, सुखबीर बादल और अक्षय को समन भेजा है. प्रकाश को 16 नवंबर, सुखबीर को 19 नवंबर और अक्षय को 21 नवंबर को अमृतसर स्थित सर्किट हाउस में पेश होना पड़ेगा."
रिपोर्ट के अनुसार, एसआईटी सदस्य और आईजी रैंक के अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने अलग-अलग समन आदेश जारी किए हैं. एसआईटी, राज्य में धर्मग्रंथ की बेअदबी की कई घटनाओं के बाद 2015 में फरीदकोट में कोटकपूरा और बहबल कलां में गोलीबारी की घटनाओं की जांच कर रही है. बहबल कलां में पुलिस गोलीबारी में दो लोग मारे गए थे.
क्या है मामला?
ये मामला गुरुमीत राम रहीम के डेरा सच्चा सौदा और सिखों के बीच झड़प का है. बता दें कि 2015 में गुरु ग्रन्थ साहिब के 110 पन्नों के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया था. इसके पीछे डेरा समर्थकों का हाथ बताया गया. मामला सामने आने के बाद डेरा और सिख संगठनों के लोग आमने सामने हो गए थे. पंजाब में कुछ दिन तक अशांति रही और हिंसक घटनाएं देखने को मिलीं. एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अक्षय पर आरोप है उस दौरान उन्होंने बादल और राम रहीम के बीच मुलाकात कराई थी
पंजाब पुलिस की स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम ( ) ने सिखों के पवित्र धर्मग्रंथ गुरु ग्रंथ साहिब के कथित अपमान के मामले में अक्षय कुमार, राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और पूर्व उप-मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल को तलब किया है. पंजाब सरकार ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है.
पंजाब सरकार के ट्वीट में लिखा है, "पुलिस फायरिंग की घटनाओं की जांच कर रही एसआईटी ने बरगाड़ी में धर्म ग्रंथ के अपमान के मामले में पूछताछ के लिए प्रकाश, सुखबीर बादल और अक्षय को समन भेजा है. प्रकाश को 16 नवंबर, सुखबीर को 19 नवंबर और अक्षय को 21 नवंबर को अमृतसर स्थित सर्किट हाउस में पेश होना पड़ेगा."
रिपोर्ट के अनुसार, एसआईटी सदस्य और आईजी रैंक के अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने अलग-अलग समन आदेश जारी किए हैं. एसआईटी, राज्य में धर्मग्रंथ की बेअदबी की कई घटनाओं के बाद 2015 में फरीदकोट में कोटकपूरा और बहबल कलां में गोलीबारी की घटनाओं की जांच कर रही है. बहबल कलां में पुलिस गोलीबारी में दो लोग मारे गए थे.
क्या है मामला?
ये मामला गुरुमीत राम रहीम के डेरा सच्चा सौदा और सिखों के बीच झड़प का है. बता दें कि 2015 में गुरु ग्रन्थ साहिब के 110 पन्नों के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया था. इसके पीछे डेरा समर्थकों का हाथ बताया गया. मामला सामने आने के बाद डेरा और सिख संगठनों के लोग आमने सामने हो गए थे. पंजाब में कुछ दिन तक अशांति रही और हिंसक घटनाएं देखने को मिलीं. एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अक्षय पर आरोप है उस दौरान उन्होंने बादल और राम रहीम के बीच मुलाकात कराई थी
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