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Showing posts from September, 2018

सिसकता बड़ा भंगाल तड़पता गिरिपार

ड़ा भंगाल और गिरिपार क्षेत्र की परिस्थितियां विकट हैं। बेशक यहां के लोगों को इन परिस्थितियों में रहने की  आदत हो चुकी हो, मगर इनका भी हक है कि वे भी सामान्य जीवन व्यतीत करें, जिनके बारे में कोई नहीं सोच रहा। राजनीतिक मंशा भी इनको इनका हक दिलाने में कामयाब नहीं हुई है। बार-बार इन क्षेत्रों को ट्राइबल घोषित करने की मांग उठ रही है, लेकिन आज तक इस तरफ किसी ने ध्यान नहीं दिया। एक तरफ ये क्षेत्र हैं जिन्हें ट्राइबल के दर्जे की जरूरत है और दूसरी तरफ कई क्षेत् र ऐसे हैं, जिन्हें ट्राइबल का दर्जा तो मिल चुका है, लेकिन वहां के लोग यहां रहते ही नहीं और दूसरे स्थानों में जाकर सुख-सुविधाएं भोग रहे हैं। राजनीतिक दल इन क्षेत्रों को ट्राइबल घोषित करने के वादे तो करते हैं और  बयानबाजी भी काफी होती है, परंतु नतीजा कुछ नहीं निकल सका। अभी भी इनकी मांग जस की तस है। बड़ा भं गाल पर कोई स्टडी ही नहीं दूसरी तरफ बड़ा भंगाल जिसकी और भी अधिक विकट परिस्थितियां हैं, वहां के लिए अभी तक अध्ययन भी नहीं हो सका है। प्रदेश सरकार का ज नजातीय विकास विभाग ट्राइबल घोषित करने की मांग को लेकर हि...

वायरल हुई विराट कोहली की ये टी-शर्ट, लोगों ने

बॉलीवुड के खिलाड़ी कुमार अ क्षय 9 सितं बर को अपना 51वां बर्थडे मनाने जा रहे हैं। अक्षय आज बॉलीवुड के जिस खास मुकाम पर पहुंच गए हैं, वहां पहुंचना इतना आसान नहीं होता। 9 सितंबर 1967 को अमृतसर में जन्मे अक्षय कुमार का वास्तविक नाम राजीव हरीओम भाटिया है। अक्षय ने फिल्म 'सौगंध' से बतौर हीरो बॉलीवुड में एंट्री ली। अक्षय फिर धीरे-धीरे बॉलीवुड के स्टार बनते गए। उन्हें एक साथ कई फिल्मों के ऑफर आने लगे। 1994 में तो ये हाल था कि अक्षय कुमार की 11 फिल्में रिलीज हुई थीं। इनके नाम हैं ऐलान, ये दिल्लगी, जय किशन, मोहरा, मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी, इक्के पे इक्का, अमानत, सुहाग, जख्मी दिल, जालिम और हम हैं बेमिसाल। उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने बिहार के नागरिकों से अपील की है कि 15 सितम्बर से 02 अक्तूबर तक चलने वाले राष्ट्रव्यापी ‘स्वच्छता ही सेवा अभियान से जुड़ें। प्रधानमंत्री 15 को इस अभियान की शुरुआत करेंगे। देश की नामी-गिरामी हस्तियों में अमिताभ बच्चन, श्री श्री रविशंकर, रतन टाटा, अक्षय कुमार, अनुष्का शर्मा, सचिन तेंदुलकर, पीबी सिंधु व साइना नेहवाल आदि इस अभियान का हिस्सा बनेंग...

म्यांमार में पैसे की कीमत

रीलंका की तरह म्यांमा र भी अपने ऊ पर बढ़ते चीनी कर्ज़ के चलते दबाव महसूस करने लगा है. यही वजह है कि वह बीआरआई से हटना चाह रहा है. म्यांमार के रख़ाइन प्रांत में क्योकप्यू शहर के तट पर चीन पानी के अंदर एक बंदरगाह बनाने पर काम कर रहा है. इसकी शुरुआती कीमत 730 करोड़ डॉलर आंकी गई लेकिन हाल ही में म्यांमार के उप वित्त मंत्री सेट ऑन्ग ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया इंडोनेशिया में बन रहा जकार्ता-बांडुंग हाई-स्पीड रेलवे नेटवर्क लगातार पीछे खिसकता जा रहा है, इसकी प्रमुख वजहों में भूमि अधिग्रहण, लाइसेंस और फ़ंड की समस्या है. 500 करोड़ डॉलर की चीन की यह परियोजना साल 2015 में शुरू हुई थी और इसकी डेडलाइन साल 2019 है. जकार्ता ग्लोब में प्रकाशित एक रिपोर्ट में इंडोनेशिया के नेता लुहुत पंडजाइतन ने कहा है कि फिलहाल को ऐसा लगता है कि साल 2014 से पहले इस नेटवर्क पर रेल नहीं चल पाएगी. इससे पहले इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो भी इस प्रोजेक्ट पर दो बारा विचार करने की बात कह चुके हैं क्योंकि जकार्ता से बांडुंग की दूरी महज 140 किलोमीटर ही है. वहीं दूसरी तरफ चीनी मीडिया में इस प्रोजे...

“气候智能型农业”成为德班的新流行词

周三,前联合国秘书长科 菲•安南在南 非德班举行的联合国气候高峰论坛上讲话时警告说,“全球金融危机已经表明,若在灾难出现前不采取行动,就会出现严重后果”。“很遗憾,要兑现把全球变暖控制在2摄氏度以内的(温室气体)减排承诺,我们还差得很远。我知道,我们不可能在本周就能解决这些问题。但是,我们应该竭尽所能,强化在哥本哈根和坎昆(早期的气候峰会)所制定的体系。到2020年,发达国家必须落实其承诺的1000亿美元资金。他们必须阐明这些资金的来源以及发展中国家如何获取这些资金。”   在《联合国气候变化框架公约》峰会的非正式会议期间,时任非洲绿色革命联盟董事会主席的安南先生在世界银行组织的一次会议上做了讲话。会议讨论的内容是当下所称的“气候智能型农业”( )。这种农业能经受诸如气温升高、降雨 减少和土 壤贫瘠化等气候变化影响。“我们必须重视 ”,安南先生说。“尽管有力证据显示,气候变化确实已经对非洲农业和食品安全构成了威胁,但迄今为止,农业问题在气候对话中始终未被重视。”   目前,每7个人中就有1个人吃不饱饭。安南先生警告说:“据估计,到2050年,全球粮食生产将下降25%;同时根据联合国粮食与农业组织( )称,届时世界人口将超过90亿,粮食生产需增长70%才能满足人们的需求。气候变化必定加剧这一问题的严重性。”   安南先生称,任何新农业战略都必须“以小农(许多是妇女)为核心。有了他们的全面参,我们将有望实现全球粮食安全,并能应对气候变化的挑战。”   埃塞俄比亚总理梅莱斯•泽纳维( ) 任职期间, 该国遭遇了两次饥荒。他说,“假设奇迹出现,我们成功地将全球变暖的温度上升控制在2摄氏度以内。那是否意味着非洲农业不会受到影响了呢?事实上,我们已经在受气候变化的影响了。并且,不论减排工作进展如何,我们将来都会受到影响。我们已经受到影响,将来也要面对这个问题,我们最好认识到这一点。因此, 不是一种选择,而是超越 (气候峰会)减排努力的必经之路。”   泽纳维先生说,气候变化会削弱农业的资源基础,比如水分和土壤,所以,任何新的农业战略必须要以保护这些农业资源基础为出发点。   世界银行常务董事斯里•穆尔亚尼•英德拉瓦蒂女士说,“在过去几十年中,农业投资始终不足。我们必须扭...