ड़ा भंगाल और गिरिपार क्षेत्र की परिस्थितियां विकट हैं। बेशक यहां के लोगों को इन परिस्थितियों में रहने की आदत हो चुकी हो, मगर इनका भी हक है कि वे भी सामान्य जीवन व्यतीत करें, जिनके बारे में कोई नहीं सोच रहा। राजनीतिक मंशा भी इनको इनका हक दिलाने में कामयाब नहीं हुई है। बार-बार इन क्षेत्रों को ट्राइबल घोषित करने की मांग उठ रही है, लेकिन आज तक इस तरफ किसी ने ध्यान नहीं दिया। एक तरफ ये क्षेत्र हैं जिन्हें ट्राइबल के दर्जे की जरूरत है और दूसरी तरफ कई क्षेत् र ऐसे हैं, जिन्हें ट्राइबल का दर्जा तो मिल चुका है, लेकिन वहां के लोग यहां रहते ही नहीं और दूसरे स्थानों में जाकर सुख-सुविधाएं भोग रहे हैं। राजनीतिक दल इन क्षेत्रों को ट्राइबल घोषित करने के वादे तो करते हैं और बयानबाजी भी काफी होती है, परंतु नतीजा कुछ नहीं निकल सका। अभी भी इनकी मांग जस की तस है। बड़ा भं गाल पर कोई स्टडी ही नहीं दूसरी तरफ बड़ा भंगाल जिसकी और भी अधिक विकट परिस्थितियां हैं, वहां के लिए अभी तक अध्ययन भी नहीं हो सका है। प्रदेश सरकार का ज नजातीय विकास विभाग ट्राइबल घोषित करने की मांग को लेकर हि...